
📑 Table of Contents
- 1. अब दो घरों को टैक्स-फ्री घोषित कर सकते हैं!
- 2. किराये पर दी गई प्रॉपर्टी? 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन अभी भी मजबूत!
- 3. प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट का फायदा अब दोनों प्रॉपर्टीज में!
- 4. छोटी रेंटल इनकम? अब TDS का झंझट कम!
- 5. प्रॉपर्टी बेचने पर क्या बदला है?
- क्यों 2025 से रियल एस्टेट निवेश के लिए बेहतर?
- 2025 में टैक्स बचाने के 5 सबसे आसान कदम!
- निष्कर्ष:
भारत में रियल एस्टेट निवेश सिर्फ घर या जमीन खरीदना नहीं रहा, यह अब आपकी टैक्स-सेविंग रणनीति का सबसे सर्वशक्तिमान हिस्सा बन सकता है। Union Budget 2025–26 में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनसे निवेशकों और मकान-मालिकों दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।
अगर आप हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, रुड़की या किसी भी उभरते शहर में प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन नए टैक्स नियमों को समझना बेहद जरूरी।
1. अब दो घरों को टैक्स-फ्री घोषित कर सकते हैं!
पहले सिर्फ एक सेल्फ-अक्युपाइड प्रॉपर्टी टैक्स-फ्री मानी जाती थी।
लेकिन Budget 2025 में आप अब:
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दो घरों को Self-Occupied मान सकते हैंI
-
दोनों की Annual Value = Zero
मतलब —
कोई किराया गिना नहीं जाएगा, और टैक्स बचत बढ़ जाएगी। ये Rule छोटे शहरों और टियर-2/3 निवेशकों के लिए गेम-चेंजर है।
2. किराये पर दी गई प्रॉपर्टी? 30% स्टैंडर्ड डिडक्शन अभी भी मजबूत!
अगर आपकी प्रॉपर्टी किराये पर है, तो:
-
पहले Municipal टैक्स घटेगाl
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फिर net value पर सीधा 30% का डिडक्शनl
इससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है — यानी पैसा आपकी जेब में ज़्यादा।
3. प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट का फायदा अब दोनों प्रॉपर्टीज में!
पहले यह लाभ सिर्फ सेल्फ-अक्युपाइड घर पर मिलता था।
लेकिन अब:
-
सेल्फ-अक्युपाइड
-
किराये पर दी हुई प्रॉपर्टी
दोनों पर यह टैक्स डिडक्शन लागू होगा।
अगर आप under-construction प्रोजेक्ट में निवेश कर रहे हैं, तो ये फायदा बहुत बड़ा है।
4. छोटी रेंटल इनकम? अब TDS का झंझट कम!
सरकार ने किराये पर TDS कटने की सीमा बढ़ा दी है।
इसका मतलब:
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छोटे मकान मालिक
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नई पीढ़ी के निवेशक
-
स्टूडियो/1BHK निवेश करने वाले
इनके लिए अब कम TDS, कम कागजी कार्रवाई और ज्यादा सुविधा।
5. प्रॉपर्टी बेचने पर क्या बदला है?
2025 के टैक्स नियमों में कैपिटल गेन्स पर कुछ बदलाव किए गए हैं—
खासकर:
-
NRI के लिए इंडेक्सेशन लाभ में कटौती
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कुछ लेन-देन पर TDS दरों में बदलाव
अगर आप आगे 1–2 साल में प्रॉपर्टी बेचने की सोच रहे हैं, तो टैक्स एक्सपर्ट सलाह जरूर लें।
क्यों 2025 से रियल एस्टेट निवेश के लिए बेहतर?
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SIDCUL – Patanjali कॉरिडोर जैसे इंडस्ट्रियल ज़ोन तेजी से बढ़ रहे हैं (Real Estate Investment Haridwar / Uttarakhand)l
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टियर-2 शहरों में जमीन/फार्म-लैंड की demand बढ़ी हैl
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सरकार रियल एस्टेट को साफ, पारदर्शी और टैक्स-फ्रेंडली बनाने पर जोरl
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टैक्स लाभ पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट और निवेशकों के पक्ष मेंl
यानी आपका निवेश—अब आपके टैक्स को भी बचाता है।
2025 में टैक्स बचाने के 5 सबसे आसान कदम!
1️. प्रॉपर्टी को Self-Occupied या Renting सही श्रेणी में रखेंl
2️. गृह ऋण कर लाभ 2025 के Interest और प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट की सही गणना करेंl
3️. किराये के एग्रीमेंट और Municipal टैक्स रसीदें संभालकर रखेंl
4️. कैपिटल गेन्स पर नए नियमों के अनुसार प्लान करेंl
5️. नए टैक्स रेजीम बनाम पुराने से तुलना करें (कई मामलों में नया रेजीम फायदेमंद है)l
निष्कर्ष:
आपकी प्रॉपर्टी सिर्फ निवेश नहीं—एक टैक्स-सेविंग पावरहाउस बटन हैl Budget 2025 ने रियल एस्टेट निवेशकों के लिए ऐसे दरवाज़े खोले हैं जो पहले सिर्फ बड़े निवेशकों को ही मिलते थे। अगर आप सही रणनीति बनाते हैं, तो घर + किराया + लोन + बिक्री = चारों से टैक्स बचत मिल सकती है।
अपने टैक्स और निवेश दोनों को प्रभावशाली बनाएं!
अगली हिडन जेम प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिस न करें।
ऑफ-मार्केट डील्स, टैक्स सेविंग निवेश विकल्प, कैपिटल गेन टैक्स प्लानिंग और स्मार्ट रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट की डेली इनसाइडर अपडेट्स के लिए हमें फॉलो करें — @dravyam।
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